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साद बिन अबी वख्खास

जिन दस सहाबा को जीवन काल ही में स्वर्ग की शुभ सूचना दी गयी थी, उनमे साद बिन अबी वख्खास रजिअल्लाहुअन्हु भी एक है| इन्हें साद बिन मलिक भी कहा जाता था| उमर बिन खत्ताब रजिअल्लाहुअन्हु ने कहा कि, अल्लाह के रसूल अपनी मृत्यु के समय, जिन छः सहाबा से प्रसन्न थे उनमे यह भी एक है| [1]

विषय सूची

संक्षिप्त जीवन चरित्र

साद बिन अबी वख्खास रजिअल्लाहुअन्हु इस्लाम स्वीकार करने वाले आरम्भ के और प्रत्येक सहाबा में से एक है| वह 39 BH में मक्काह में जन्म हुए| वह खुरैश जाती के बनू जुहरह वर्ग के थे| उनके पिता मलिक बिन उहैब और माता हमनह बिन्त सुफ्यान बिन उमय्या थे|

वह अल्लाह के मार्ग में बाण चलाने वाले पहले व्यक्ति है| वह बद्र के युध्ध में अपने छोटे भाई उमैर के साथ भाग लिए, जो बच्चे थे, परन्तु मुस्लिम सेना में भाग लेने के उत्सुक थे| साद रजिअल्लाहुअन्हु मदीना को अकेले गए| उनके छोटे भाई उमैर उस युध्ध में शहीद (वीरगति) प्राप्त करने वाले 14 लोगो में से एक थे|

उहुद युध्ध के समय, जब कई लोग राण भूमि से भाग गए तो अल्लाह के रसूल की रक्षा में जो सहाबा थे, उनमे साद रजिअल्लाहुअन्हु भी है| एक रात युध्ध के बाद, अल्लाह के रसूल कुछ बेचैन थे और सो नहीं पा रहे थे, कुछ खतरे की आशंका थी| आप की सुरक्षा के लिए एक व्यक्ति की आवश्यकता थी| उस समय साद रजिअल्लाहुअन्हु आये और बोले : “मैं आप के भीतर कुछ भय देख रहा हूँ, इसलिए मैं आप की रक्षा करूंगा|” तब अल्लाह के रसूल ने उनके लिए दुआ की और शांति से सो गए|

 

इस्लाम पर दृढ़, स्थिर

वह इस्लाम स्वीकार करने वालो में तीसरे थे| उनकी माँ ने उन्हें इस्लाम स्वीकार करने से बहुत रोका| उनकी माँ, उन्हें अपने पूर्वजो का धर्म पालन करने पर दबाव डाल रही थी| जब वह माँ की बात न सुने, तो उनकी माँ ने खाना-पीना छोड़ दिया और कहा कि, जब तक वह अपने पूर्वजो के धर्म पर वापस नहीं आते, वह न खायेगी, न पीयेगी| वह कई दिन तक खाना पीना छोड़ी रही, और 3 बार बेहोश हो गयी| किन्तु साद रजिअल्लाहुअन्हु इस्लाम छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए|

साद रजिअल्लाहुअन्हु ने उमर रजिअल्लाहुअन्हु के निरीक्षण में ससानिया सेना के विरुध्द खदिसिय्यह युध्ध में भाग लिया| उमर रजिअल्लाहुअन्हु के खिलाफत (शासन काल) में साद रजिअल्लाहुअन्हु कुफाह और नज्द के गवर्नर बनाये गए| इराख और ईरान पर विजय आप के निरीक्षण में प्राप्त हुई|

आपका देहांत 55 AH में मदीना में हुआ| उस समय शासक मुआविय रजिअल्लाहुअन्हु थे| उनके शरीर को मदीना के बखी श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया| अश्रये मुबश्शिरा में मृत्यु पाने वाले आप अंतिम थे| [2]      

 

साद बिन मालिक के सद्गुण, विशेषतायें

साद रजिअल्लाहुअन्हु वह है जिनकी दुआ को अल्लाह ताला ने स्वीकार किया| लोगो को यह पता चला, तो वह उनसे डरने लगे कि, कही वह उनके लिए कोई बद दुआ न कर दे| खैस बिन अबी हाजिम से उल्लेखित हदीस में है कि, साद रजिअल्लाहुअन्हु ने कहा कि, अल्लाह के रसूल ने कहा : “ऐ अल्लाह ! साद की दुआ स्वीकार कीजिये, यदि वह आपसे कुछ मांगे|”

दूसरी हदीस जिसे अली बिन अबी तालिब रजिअल्लाहुअन्हु ने उल्लेख किया, उस में उन्होंने कहा : “अल्लाह के रसूल मदीना आने के पश्चात एक रात अपने बिस्तर पर लेटे और कहा : ‘मैं चाहता हूँ की कोई धर्मपरायण व्यक्ति इस रात मेरी चौकसी करे|’ तब (आईशा रजिअल्लाहुअन्हा) उन्होंने कहा: ‘उसी समय हम ने अस्त्र की झनझनाहट (आवाज़) सुनी|’ तब (अल्लाह के रसूल ) उन्होंने कहा : ‘कौन है?’ (साद बिन अबी वख्खास रजिअल्लाहुअन्हु) उन्होंने कहा : ‘मैं साद बिन अबी वख्खास हूँ|’ अल्लाह के रसूल ने उनसे कहा : ‘तुम यहाँ क्यों आये?” तब उन्होंने उत्तर दिया : ‘मुझे आप के बारे में डर हुआ, तो मैंने आप की चौकसी करने यहाँ पहुँच गया|’ अल्लाह के रसूल ने उनके लिए दुआ की और शांति से सो गए|”

दूसरी हदीस जिसे सईद बिन मुसैब रजिअल्लाहुअन्हु ने उल्लेख किया, कहा कि, उन्होंने साद बिन अबी वख्खास रजिअल्लाहुअन्हु को यह कहते हुए सुना : “उहुद युध्ध के समय, अल्लाह के रसूल ने मेरे लिया अपने माता पिता को याद किया (यह कहा कि : “मेरे माता पिता तुम्हारे लिए कुर्बान हो|”)” [3]         

 

पूरा नाम

साद बिन अबी वख्खास (मालिक) बिन उहैब बिन अब्द मनाफ बिन जुहरह बिन किलाब बिन मुर्रह बिन काब|

 

माता पिता

मालिक बिन उहैब बिन अब्द मनाफ / हम्नह बिन्त सुफ्यान बिन उमय्यह बिन अब्द शम्स|

 

भाई बहन

आमिर इब्न अबी वख्खास, उमैर इब्न अबी वख्खास, उत्बा इब्न अबी वख्खास|  

 

जन्म तिथि / स्थान

39 BH/584 CE (मक्काह)

 

मरण तिथि / स्थान

55 AH/664 CE (अल अतिख) (मदीना) (स्वाभाविक)

 

निवासित स्थान

मक्काह / मदीना / कुफा

 

रूचि के क्षेत्र

खुरआन पढ़ना, उल्लेखकर्ता, फिख, सेनापति

 

पत्नियाँ

बिन्त शिबाब बिन अब्दुल्लाह, मारिया बिन्त खैस, उम्म आमिर, उम्म हकीम बिन्त खारिज़ बिन खालिद|

 

संतान

इस्हाख बिन साद इब्न अबी वख्खास, उम्म हकम, उमर बिन साद बिन अबी वख्खास, मुहम्मद बिन साद इब्न अबी वख्खास, उम्म खासिम, उम्म कुलसुम, आमिर बिन साद इब्न अबी वख्खास, इस्माइल बिन साद इब्न अबी वख्खास, मुसैब बिन साद इब्न अबी वख्खास, इब्राहीम बिन साद इब्न अबी वख्खास, याखूब बिन साद इब्न अबी वख्खास, आइशा बिन्त साद इब्न अबी वख्खास, यहया बिन साद इब्न अबी वख्खास, सालिह, अब्दुल्लाह बिन साद इब्न अबी वख्खास, अब्दुर रहमान, उमैर बिन साद इब्न अबी वख्खास, अम्र बिन साद इब्न अबी वख्खास आदि|

 

शिक्षक

मुहम्मद , खौलह बिन्त हकीम|

 

छात्र

उमर बिन साद इब्न अबी वख्खास, मुहम्मद बिन साद इब्न अबी वख्खास, आमिर बिन साद इब्न अबी वख्खास, इस्माइल बिन साद इब्न अबी वख्खास, मुसुब बिन साद इब्न अबी वख्खास, इब्राहीम बिन साद इब्न अबी वख्खास, याखूब बिन साद इब्न अबी वख्खास, आईशा बिन्त साद इब्न अबी वख्खास, आईशा बिन्त अबी बक्र, इब्न उमर, इब्न अब्बास, जाबिर बिन समरा, अल सैब बिन यजीद बिन अख्त नम्र, तलबा बिन सायर, मलिक बिन औस बिन अल हदतन, इब्राहीम बिन अब्दुर रहमान, अबू उस्मान अल नह्दी, अबू अब्दुर रहमान अल सलमी, अलखमा बिन खैस, बस्र बिन सैद अल मदनी, अल अह्नफ़ बिन खैस, शरीह बिन हानि अल हारिसी, अम्र बिन मैमून अल औदी, मुजाहिद बिन जाबिर, दीनार अबू अब्दुल्लाह अल खरज़ आदि|

 

उल्लेखन

सहीह बुखारी : 56 ; सहीह मुस्लिम : 52 [4]   

 

आधार

[1] [3] http://www.pbuh.us/prophetMuhammad.php?f=Re_10_SadIbnMaalik

[2] [4] http://www.muslimscholars.info/

 

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