Send an article  |  Print   |  ../file-system/small/pdf   |   RSS   |  

फतवा

फ़तवा अरबी शब्द है| किसी धार्मिक व्यक्ति(उलमा)  का किसी इस्लामी विषय पर दिये गए विचार को ‘फ़तवा’ कहते है|

विषय सूची

 

पारिभाषिक अर्थ

विचार को फ़तवा कहते है|

इस्लामी अर्थ

इस्लामी अर्थ यह है कि, यह एक इस्लामी धार्मिक पंडित (उलमा) का विचार है| एक धार्मिक पंडित का विचार अधिक विशाल होता है, न के तुम्हारे माँ के विचार जैसा|

उदाहरण

इसका उदहारण यह है कि: आप यदि किसी इस्लामी धर्म गुरु (आलिम) के पास जाते हो और उनसे किसी स्थान के मांस को खाने के बारे में पूछते हो (खाना चाहिए कि नहीं), तो वह इस्लामी शास्त (शरीयत) के अनुसार जो उत्तर देता है, उसे फ़तवा कहते है|

फ़तवा अनिवार्य नहीं होता

अधिकतर विषय में फ़तवा का पालन करना चाहिए| यदि वह फ़तवा, इस्लामी शास्त्र (शरीयत) के विरुध्ध हो तो उसे उपेक्षा कर (नकार) देना चाहिए| इसलिए जब तक कुरआन या सुन्नत (हदीस) का ज्ञान न हो तो उसके बारे में कुछ भी नहीं कहना चाहिए| अज्ञानी धार्मिक गुरु (आलिम) से दूर रहे तथा ज्ञानी धार्मिक गुरु, जो कुरआन अथवा सहीह हदीस के अनुसार फ़तवा देता हो, उनका अनुसरण करे| कुरआन कंठस्त करने (हाफ़िज़ बनने) से कोई धर्म गुरु (आलिम) नहीं बन जाता| फ़तवा वह विचार है जिसके अनुसार मुस्लिम समाज अपना जीवन व्यतीत करे| यह अनिवार्य नहीं है, किन्तु एक धर्म गुरु (आलिम) का विचार है|

विचार में असहमति

धार्मिक विचारो के मध्य कभी कुछ असहमति उत्पन्न हो जाती है| उस समय कुरआन उसका समाधान देता है| अल्लाह ने कुरआन में कहा:"ऐईमानलानेवालो! अल्लाहकीआज्ञाकापालनकरोऔररसूलकाकहनामानोऔरउनकाभीकहनामानोजोतुममेंअधिकारीलोगहैं। फिरयदितुम्हारेबीचकिसीमामलेमेंझगड़ाहोजाए, तोउसेतुमअल्लाहऔररसूलकीओरलौटाओ, यदितुमअल्लाहऔरअन्तिमदिनपरईमानरखतेहो। यहीउत्तमहैऔरपरिणामकीदृष्टिसेभीअच्छाहै।(कुरआनासूरानिसा, 4:59)

 

फ़तवाकेwebsites कौनसेहै?

 

फ़तवा के अनेक websites है, जहाँ से आप तस्वीर लेने के विषय में फ़तवा से लेकर समाधी पर पढ़ी जाने वाली दुआ  तक पा सकते है| उनमे अधिक प्रमाणित: FatwaIslam.com, islamqa.info, alifta.com, islamweb.net आदि|

 

आधार

http://myislam1.weebly.com/what-is-a-fatwa-and-is-it-mandatory.html(english)

9 Views
Correct us and Correct yourself
.
Comments
Top of page