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आयु सुदीर्घ (उम्र लम्बी) करने वाले कार्य

उच्च व्यवहार द्वारा आयु लम्बी करना

अल्लाह के नबी ने बताया है कि कुछ अच्छे कर्म तथा भलायियों की पाबन्दी करने से उम्र लम्बी हो सकती है| इन सारी भलायियों का समूह लोगो के साथ उच्च व्यवहार है| इस विषय में सबसे शक्तिशाली एवं मूल प्रमाण आइशा रजिअल्लाहुअन्हा की हदीस है| अल्लाह के रसूल ने उनसे फ़रमाया : “वास्तव में जिसे दया गुण मिल गया, तो उसे उसका संसार और परलोक का भाग मिल गया| और दया तथा कृपा (सिला रहमी - सम्बन्ध जोड़ना) अच्छा व्यवहार और पड़ोसी के साथ अच्छा बर्ताव दोनों घरो को आबाद कर देता है और उम्र में बढ़ोतरी करता है| [सहीहुल जामे – शेख अल्बानी रहिमहुल्लाह – 3767]

विषय सूची

सिला रहमी (सम्बन्ध जोड़ना)

सिला रहमी (सम्बन्ध जोड़ना) इस्लाम धर्म ने इस जैसे अच्छे व्यवहार की शिक्षा दी है| अल्लाह ताला ने खुरआन की 19 आयातों (वचनों) में अपने बन्दों (सेवको) को सिला रहमी करने का आदेश दिया है| जबकि सम्बन्ध कांटने वालो को 3 आयातों में फटकार और अज़ाब (दंड) की धमकी दी है| यही कारण है कि सिला रहमी पहले के सज्जनों का नियम था, जबकि उनके समय में आने जाने के साधन में कमी और यातायात में काफी कठिनाई थी| हम में कुछ लोग ऐसे है जो मित्रों के यहाँ अधिक से अधिक आते जाते है, जबकि पूरे महीने में एक बार भी अपने सम्बन्धियों (रिश्तेदारों) के यहाँ उनका हाल चाल लेने के लिए जाने का समय नहीं होता|

अपने सम्बन्धियों के साथ सिला रहमी करने के बारे में हमारी लापरवाही का सबसे बडा कारण हमारा अपने समय को अच्छी तरह से प्रयोग न करना है| यदि आप अपनी उम्र लम्बी करना चाहते है तो अपने सम्बन्ध को जोडिये| क्यों कि जो उन्हें जोड़ेगा, अल्लाह ताला उसे जोड़ेगा और जो उन्हें तोड़ेगा, अल्लाह ताला उसे तोड़ेगा| नबी का फरमान है : “सिला रहमी उम्र में बढ़ोतरी (वृध्धि) करती है|” [सहीहुल जामे : 3766]

 

अच्छा व्यवहार

अच्छा व्यवहार एक बड़ी खूबी है| यह इन्सान को ज़बान और दूसरे अंगो की कठिनाईयों से बचाती है और ऊंचे स्थान पर पहुंचाती है| अब्दुल्लाह बिन मुबारक रहिमहुल्लाह ने अच्छे व्यवहार का अर्थ यह बताया है : खुश रहना, अधिक से अधिक भलाईयां करना और दुःख पहुचाने से दूर रहना|     

एक मुसलमान को अविश्वासियों (काफिरों) का स्वभाव अपनाना बहुत बड़ा पाप है| नबी ने कहा कि, आप को नबी बनाने का उद्देश्य यह था कि, आप उच्चा व्यवहार का प्रदर्शन करे लोगो के लिए आदर्श बने| अतः विश्वासियों (मोमिनो) के कर्म पत्र में उच्च व्यवहार जैसी वज़नी (कीमती) चीज़ कोई नहीं| आप बहुत से पिछले लोगो को देखते हो कि, उन्होंने अपने आने वाले लोगों (पीढ़ी, वंश) के लिए कैसे उच्च व्यवहार का नमूना (आदर्श) प्रस्तुत किया| जिससे उनकी भलाईयां जारी है और उनकी उम्र लम्बी हो गयी| आप सब अपने बारे में ध्यान दे, क्या आपने अपने बाद वालो के लिए कोई ऐसा अच्छा व्यवहार (कर्म) और आदर के काबिल (लायक) मार्ग छोड़ा है जिस पर चला जाये?     

अच्छे व्यवहार वाला होना ऐसा है, जो आप के जीवन की नवीनीकरण, सुदीर्घ यादें और प्रलय के दिन भलायियों को भारी करने का साधन है| अबू दर्दा रजिअल्लाहुअन्हु उल्लेख करते है कि, अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया : “प्रलय के दिन मोमिन (विश्वासी) के कर्म पत्र में उच्च व्यवहार से अधिक भारी कोई चीज़ न होगी और अल्लाह ताला कुकर्म करने वालो को नापसंद करेगा|” [सहीहुल जामेअ – शेख अल्बानी रहिमहुल्लाह – 5726]

 

पड़ोसियों के साथ उच्च व्यवहार और एहसान

पड़ोसी के साथ अच्छा बर्ताव (व्यवहार) उम्र को लम्बी करने वाले कर्म में से है| अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया : “जिब्राईल अलैहिस्सलाम हमें बराबर पड़ोसी के बारे में निर्देश (वसीयत) देते रहे, यहाँ तक कि मुझे लगता था कि पड़ोसी को वारिस तथा उत्तराधिकारी बना देंगे|” [सहीह बुखारी 10/455]

और अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया : “जो व्यक्ति अल्लाह और परलोक पर विश्वास (ईमान) रखता है उसे चाहिए कि अपने पड़ोसी के साथ उच्च व्यवहार करे|” [सहीह मुस्लिम 2/20]

अनुवादक : आप देखें कि आइशा रजिअल्लाहुअन्हा ने जब पड़ोसी के अधिकार के बारे में सुना और पड़ोसियों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहा तो अल्लाह के रसूल से पूछा : ऐ अल्लाह के रसूल ! मेरे दो पड़ोसी है, तो मैं किसको उपहार दिया करूँ? आप ने फ़रमाया : उन दोनों में से जिसका द्वार (दरवाज़ा) तुम्हारे द्वार से अधिक निकट हो| [सहीह बुखारी 10/46]

पड़ोसियों के बीच आपस में एक दूसरे से मिलने झुलने की रीति न होने का सबसे बड़ा कारण, जमात (समूह) के साथ नमाज़ छोड़ना है|

अपने पड़ोसी ने बराबर मिला जुला करे, उनके साथ अच्छा व्यवहार करे, उनके शुभ चिन्तक बने| उन्हें उपदेश करे, ताकि आप की उम्र लम्बी हो और आप पूर्ण विश्वास (ईमान) से सफल हो| क्यों कि आप के कितने ऐसे पड़ोसी होंगे जो आप उनका द्वार ख़ट खटाए और उनकी सेवा में अपनी मुस्कान का उपहार पेश करे|

आधार

www.islamhouse.com

        

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