अशरे मुबश्शरह


अशरे मुबश्शरह, वह 10 सहाबा है जिन के बारे में अल्लाह के रसूल मुहम्मद ने अपनी ज़िन्दगी में ही, उन्हे जन्नत (स्वर्ग) की  खुशखबरी दी|

 

विषय सूची

 

अर्थ        

यह 10 सहाबा, इन्हे अशरे मुबश्शरह (10 लोग जिन्हें खुशखबरी सुनाई गयी) कहा जाता है| इन्हे ज़िन्दगी में ही जन्नत की खुशखबरी सुनादी गयी| अल्लाह के रसूल मुहम्मद  ने अपने ज़बान से हर एक का नाम लिया और कहा, “जन्नत में”|

 

10 श्रेष्ट सहाबा के नाम 

  • अबू बकर सिद्दीक़ रजिअल्लाहुअन्हु
  • उमर इब्न खत्ताब रजिअल्लाहुअन्हु
  • उस्मान इब्न अफ्फान रजिअल्लाहुअन्हु
  • अली इब्न अबी तालिब रजिअल्लाहुअन्हु
  • तल्हा बिन उबैदुल्लाह रजिअल्लाहुअन्हु
  • ज़ुबैर बिन अव्वाम रजिअल्लाहुअन्हु
  • अब्दुर रहमान बिन औफ़ रजिअल्लाहुअन्हु
  • साद बिन अबी वख्खास रजिअल्लाहुअन्हु
  • सईद बिन ज़ैद रजिअल्लाहुअन्हु
  • अबू उबैदह बिन जर्रह रजिअल्लाहुअन्हु

 

हदीस

साद बिन ज़ैद रजिअल्लाहुअन्हु ने उल्लेख किया : अब्दुर रहमान इब्न अल अख्नस रजिअल्लाहुअन्हु ने कहा, जब वह मस्जिद में थे, एक व्यक्ति ने अली रजिअल्लाहुअन्हु का नाम लिया| तब साद इब्न ज़ैद उठे और कहने लगे : अल्लाह के रसूल मुहम्मद कोऐसा कहते हुए मैंने सुना : दस लोग स्वर्ग में जायेंगे : अबू बकर स्वर्ग में जायेंगे, उमर स्वर्ग में जायेंगे, उस्मान स्वर्ग में जायेंगे, अली स्वर्ग में जायेंगे, तल्हा स्वर्ग में जायेंगे, ज़ुबैर इब्न अल अव्वाम स्वर्ग में जायेंगे, साद बिन अबी वख्खास स्वर्ग में जायेंगे, अब्दुर रहमान इब्न औफ़ स्वर्ग में जायेंगे| मैं चाहे तो दसवा नाम भी बता सकता हूँ| लोगों ने पुछा : वह कौन है? उन्होंने कुछ नहीं कहा| लोगों ने फिर से पूछा : वह कौन है? उन्होंने जवाब दिया : वह सईद इब्न ज़ैद है| [सुनन अबी दावूद 4649, शेक अल्बानी ने इसे सही कहा]    

 

रियाह इब्न हारिस ने कहा : मैं किसी के साथ मस्जिदे कूफा में बैठा हुआ था| उस समय कूफा के लोग उनके साथ थे| उस समय सईद इब्न ज़ैद इब्न अम्र इब्न नुफैल रजिअल्लाहुअन्हु वहाँ आये तो उनका स्वागत किया, सत्कार किया और उन्हें अपने पाँव के पास खटिया पर बिठाया| उसके बाद कूफा का एक व्यक्ति, खैस इब्न अलखमा वहां आया और गाली देने लगा| सईद रजिअल्लाहुअन्हु ने पूछा : यह व्यक्ति किसको गाली दे रहा है? उन्होंने जवाब दिया : वह अली को गाली दे रहा है| उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल मुहम्मद के सहाबा (अनुयायी) को गाली दी जा रही हो और आप उनको रोकते भी नहीं या कुछ करते भी नहीं?मैंने अल्लाह के रसूल मुहम्मद कोऐसा कहते हुए सुना – उन्होंने जो नहीं कहा मैं उसे नहीं कहूँगा, मैं कल जब आप से मिलूंगा तो वह मुझसे पूछेंगे – अबू बकर स्वर्ग में जायेंगे और उमर स्वर्ग में जायेंगे| उसके बाद उन्होने बाकी परम्परा को उसी तरह बताया| (4632 के अनुसार)    

 

उसके बाद उन्होंने कहा : एक व्यक्ति जिसे नूह अलैहिस्सलाम की उम्र दी गयी हो, उसके जीवन भर के कर्म भी, अल्लाह के रसूल मुहम्मद के सहाबा के एक कर्म के बराबर नहीं हो सकते| [सुनन अबी दावूद 4650, इसे शेक अल्बानी ने सही कहा]

 

आधार, हवाला

http://islamic-dictionary.tumblr.com/post/3932678213/al-asharatu-mubashsharun-bil-jannah-o (english)

486 दृश्य
हमें सही कीजिये या अपने आप को सही कीजिये
.
टिप्पणियाँ
पृष्ठ का शीर्ष